September 28, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी: सौरभ दास को डेंगू, 2 अक्टूबर के आंदोलन की तैयारियों पर असर

कॉकरोच जनता पार्टी इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन को लेकर चर्चा में है। इसी बीच पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास के डेंगू से संक्रमित होने की खबर सामने आई है। दास ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी तबीयत की जानकारी दी। बीमारी के कारण वह फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी की आगामी गतिविधियों में पहले की तरह सक्रिय रूप से शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। ऐसे में सौरभ दास की तबीयत खराब होना संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि आंदोलन की तैयारियों के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं।

सौरभ दास को क्या हुआ?

सौरभ दास ने बताया कि उन्हें डेंगू हो गया है। इसी वजह से वह असम जाने और वहां पार्टी के एक अन्य नेता से जुड़े मामले में शामिल होने में असमर्थ हैं।

दरअसल, सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका को असम पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी  के संस्थापक अभिजीत दीपके ने असम जाने की बात कही थी। सौरभ दास भी वहां पहुंचना चाहते थे, लेकिन बीमारी के कारण ऐसा नहीं कर सके।

2 अक्टूबर को आंदोलन की तैयारी

कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी की घोषणा के अनुसार इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर से मुंबई से होने की बात कही गई है।

पार्टी नेताओं ने पहले ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई। कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।

ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या है विवाद?

सीजेपी का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर है। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए हैं।

सीजेपी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और इससे जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग भी रखी है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR से संबंधित फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। यह अंतर बताता है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

सौरभ दास की बीमारी से क्या असर पड़ेगा?

सौरभ दास के बीमार होने से आंदोलन की तैयारियों में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दास ने संकेत दिया है कि डेंगू के कारण वह आने वाले दिनों में कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी बीमारी के कारण पूरा आंदोलन स्थगित होगा या उसकी योजना में कोई बड़ा बदलाव आएगा। पार्टी ने आंदोलन को लेकर अपनी घोषणा वापस लेने की जानकारी नहीं दी है।

पहले भी बीमार पड़े थे पार्टी के नेता

यह पहली बार नहीं है जब संगठन से जुड़े किसी प्रमुख नेता की तबीयत आंदोलन के दौरान खराब हुई हो। इससे पहले नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को टाइफाइड होने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बीमारी के बावजूद आंदोलन में भाग लिया था।

निष्कर्ष

फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी के लिए सबसे बड़ा घटनाक्रम सौरभ दास की बीमारी और 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन है। दास के डेंगू से संक्रमित होने के कारण उनकी व्यक्तिगत भागीदारी प्रभावित हुई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में आंदोलन रद्द होने की पुष्टि नहीं है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी अपनी तैयारियों को किस तरह आगे बढ़ाती है और ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे पर उसका आंदोलन किस रूप में सामने आता है।

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